लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के लाखों पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों को नए साल की शुरुआत में बड़ी राहत दी है। 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार, यूपी पुलिस और जेल विभाग की सीधी भर्ती-2025 में कुल 32,679 पदों के लिए सभी वर्गों (सामान्य, ओबीसी, एससी/एसटी) के उम्मीदवारों को आयु सीमा में तीन वर्ष की विशेष छूट प्रदान की गई है।
यह फैसला उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगा जो भर्ती प्रक्रिया में लंबी देरी, कोरोना महामारी और प्रशासनिक कारणों से आयु सीमा पार कर चुके थे। पहले सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 22 वर्ष थी, जो अब प्रभावी रूप से 25 वर्ष हो जाएगी। महिलाओं और आरक्षित वर्गों को भी इसी अनुपात में लाभ मिलेगा।
भर्ती में शामिल पदों में आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी, विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ), महिला बटालियन और जेल वार्डर आदि प्रमुख हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट एकमुश्त और विशेष रूप से इस भर्ती के लिए दी गई है, ताकि अधिक से अधिक योग्य युवा पुलिस सेवा में शामिल हो सकें।
पिछले कुछ दिनों से अभ्यर्थी सोशल मीडिया और सड़कों पर आयु छूट की मांग कर रहे थे। भाजपा विधायकों, सहयोगी दलों के नेताओं और विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों के हित को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निर्णय लिया।
इस फैसले से भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। भर्ती बोर्ड द्वारा जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है। युवाओं का मानना है कि यह कदम न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत को न्याय भी दिलाएगा।