आज के डिजिटल युग में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। फोन से तुरंत पेमेंट करना, बिल भरना, ऑनलाइन शॉपिंग या दोस्तों को पैसे भेजना – हर काम UPI से आसान हो गया है। भारत में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या हर महीने रिकॉर्ड तोड़ रही है, जुलाई 2025 में 19 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। लेकिन जैसे-जैसे यूजर्स बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे फ्रॉड और सिस्टम पर लोड की समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) समय-समय पर नए नियम लागू करता रहता है। 2025 में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं, जो यूजर्स की सुरक्षा, पारदर्शिता और सिस्टम की दक्षता बढ़ाने के लिए हैं। अगर आप PhonePe, Google Pay, Paytm या किसी अन्य UPI ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो ये बदलाव आपके लिए जानना जरूरी है।
UPI नए नियमों का उद्देश्य क्या है?
NPCI के नए नियमों का मुख्य मकसद यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाना, ट्रांजैक्शन को ज्यादा सुरक्षित बनाना और UPI सिस्टम को मजबूत करना है। बढ़ते फ्रॉड केस, जैसे अनवांटेड सब्सक्रिप्शन या गलत पेमेंट रिक्वेस्ट, को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। साथ ही, सिस्टम पर अनावश्यक लोड कम करके ट्रांजैक्शन की स्पीड और रिलायबिलिटी बढ़ाई जा रही है। इन नियमों से आम यूजर बिना किसी डर के डिजिटल पेमेंट कर सकेगा और अनचाही कटौती से बच सकेगा।
ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन में बड़े बदलाव
UPI ऑटो पेमेंट (e-mandate) अब ज्यादा पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली हो गया है। अक्टूबर 2025 के NPCI सर्कुलर के अनुसार:
- अब सभी एक्टिव ऑटो पेमेंट मैंडेट्स को किसी भी UPI ऐप में देखा और मैनेज किया जा सकता है। चाहे आपने Google Pay से सब्सक्रिप्शन सेट किया हो या PhonePe से, सब एक जगह दिखेंगे।
- नया सेंट्रल पोर्टल upihelp.npci.org.in लॉन्च किया गया है, जहां यूजर्स सभी मैंडेट्स देख, कैंसल या पोर्ट कर सकते हैं।
- मैंडेट्स को एक ऐप से दूसरे ऐप में पोर्ट करना आसान हो गया है, लेकिन इसके लिए UPI PIN की जरूरत होगी और 90 दिन में सिर्फ एक बार पोर्टिंग संभव है।
- ऑटो डेबिट से पहले क्लियर नोटिफिकेशन मिलेगा, ताकि बिना जानकारी के पैसा न कटे। डार्क पैटर्न्स (जैसे छिपी सब्सक्रिप्शन) पर सख्ती की गई है।
- ये बदलाव 31 दिसंबर 2025 तक सभी UPI ऐप्स में लागू हो जाएंगे। इससे अनवांटेड सब्सक्रिप्शन से छुटकारा मिलेगा।
ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव
UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में भी महत्वपूर्ण अपडेट आए हैं, जो फ्रॉड रोकने और बड़े पेमेंट्स को आसान बनाने के लिए हैं:
- सामान्य P2P (पर्सन टू पर्सन) ट्रांजैक्शन की डेली लिमिट अभी भी ₹1 लाख है।
- लेकिन सितंबर 2025 से कुछ स्पेशल कैटेगरी में लिमिट बढ़ाई गई है। जैसे टैक्स पेमेंट, इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट, ट्रैवल और एजुकेशन में प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 लाख तक की लिमिट है। कुछ कैटेगरी में ₹10 लाख तक भी संभव है।
- अगस्त 2025 से बैलेंस चेक की लिमिट 50 बार प्रति दिन प्रति ऐप कर दी गई है, ताकि सिस्टम ओवरलोड न हो।
- ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक पर भी रिस्ट्रिक्शन लगे हैं, जिससे पीक ऑवर्स में देरी कम हो।
- फ्रॉड-प्रोन फीचर्स जैसे कुछ कैटेगरी में ‘Collect’ रिक्वेस्ट को फेज आउट किया जा रहा है।
ये बदलाव बड़े अमाउंट के गलत ट्रांजैक्शन को रोकेंगे और जरूरी सेक्टर्स में पेमेंट आसान बनाएंगे।
UPI ID और मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन पर सख्ती
फ्रॉड के कई केस पुराने या रिसाइकल मोबाइल नंबर से जुड़े होते हैं। इसलिए:
- अप्रैल 2025 से बैंक और UPI ऐप्स को मोबाइल नंबर रिकॉर्ड्स को हफ्ते में कम से कम एक बार अपडेट करना अनिवार्य है।
- अगर मोबाइल नंबर 12 महीने से ज्यादा इनएक्टिव है, तो उससे जुड़ा UPI ID ऑटोमैटिकली डिएक्टिवेट हो सकता है।
- न्यूमेरिक UPI ID असाइन करने से पहले यूजर की एक्सप्लिसिट परमिशन जरूरी है। डिफॉल्ट ऑप्ट-आउट रहेगा।
- ये नियम गलत नंबर से जुड़े फ्रॉड को कम करेंगे और ट्रांजैक्शन की सटीकता बढ़ाएंगे।
अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय
- UPI ‘Request Money’ फीचर को कुछ मामलों में डिसेबल किया गया है, क्योंकि इसका दुरुपयोग स्कैम में हो रहा था।
- ट्रांजैक्शन के बाद ऑटो बैलेंस डिस्प्ले और बेहतर नोटिफिकेशन सिस्टम लागू किया गया है।
- NPCI ने UPI हेल्प पोर्टल को और मजबूत किया है, जहां कंप्लेंट और हेल्प आसानी से मिलती है।
निष्कर्ष: सुरक्षित डिजिटल पेमेंट का नया दौर
ये नए UPI नियम 2025-2026 में डिजिटल पेमेंट को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। यूजर्स को अब अनचाही कटौती से राहत मिलेगी, फ्रॉड का खतरा कम होगा और सिस्टम ज्यादा स्थिर रहेगा। हालांकि कुछ लिमिट्स पहले से सख्त लग सकती हैं, लेकिन लंबे समय में ये सभी के फायदे में हैं। हमेशा ऑफिशियल NPCI गाइडलाइंस चेक करें और सतर्क रहें। सुरक्षित पेमेंट करें, खुश रहें!