जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है? 50 साल का व्यक्ति भी आसानी से बनवा सकता है – पूरी प्रक्रिया जानिए

जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) एक व्यक्ति की कानूनी पहचान का सबसे बुनियादी दस्तावेज है। यह जन्म तिथि, स्थान, माता-पिता के नाम और नागरिकता का आधिकारिक प्रमाण होता है। भारत में जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के तहत इसे अनिवार्य माना जाता है। यहां जानिए क्यों यह जरूरी है और वयस्कों (यहां तक कि 50 साल के व्यक्ति) के लिए इसे कैसे प्राप्त करें।

जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?

यह दस्तावेज जीवनभर कई कामों में इस्तेमाल होता है:

  • पहचान और उम्र का प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड बनवाने के लिए।
  • पासपोर्ट और विदेश यात्रा: पासपोर्ट आवेदन में जन्म प्रमाण पत्र मुख्य दस्तावेज है।
  • शिक्षा और नौकरी: स्कूल/कॉलेज एडमिशन, सरकारी नौकरी, उम्र संबंधी लाभ (पेंशन, रिटायरमेंट) के लिए।
  • विवाह और संपत्ति: शादी रजिस्ट्रेशन, उत्तराधिकार, संपत्ति हस्तांतरण में माता-पिता से संबंध साबित करने के लिए।
  • सरकारी योजनाएं: सब्सिडी, लाभ, बैंक खाता खोलने, बीमा आदि में।
  • नागरिकता प्रमाण: भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए, खासकर एनआरआई या पुराने मामलों में।

बिना इसके कई कानूनी और सरकारी काम रुक जाते हैं। UNICEF के अनुसार, बिना जन्म प्रमाण पत्र के व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

50 साल का व्यक्ति भी आसानी से बनवा सकता है – देर से रजिस्ट्रेशन (Late Registration)

हां, किसी भी उम्र में जन्म प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है। जन्म के 21 दिनों के अंदर फ्री होता है, उसके बाद लेट फीस लगती है। पुराने जन्म (1989 से पहले या 30-50 साल पुराने) के लिए भी प्रक्रिया है – इसमें अतिरिक्त दस्तावेज और वेरिफिकेशन लगता है, लेकिन असंभव नहीं।

ऑनलाइन प्रक्रिया (सबसे आसान तरीका – CRS पोर्टल से)

भारत सरकार का सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) पोर्टल: dc.crsorgi.gov.in या crsorgi.gov.in

  1. पोर्टल पर जाएं और “General Public” सेक्शन में Sign Up करें (नया यूजर) – नाम, मोबाइल, ईमेल डालें, OTP वेरिफाई करें।
  2. लॉगिन करें।
  3. “Report Birth” या “Birth Registration” चुनें।
  4. फॉर्म भरें: जन्म तिथि, स्थान, माता-पिता का नाम, पता आदि।
  5. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें (स्कैन कॉपी PDF/JPG में)।
  6. लेट फीस (अगर लागू) ऑनलाइन पेमेंट करें।
  7. सबमिट करें – एप्लीकेशन नंबर मिलेगा।
  8. स्टेटस चेक करें और अप्रूवल के बाद सर्टिफिकेट डाउनलोड/प्रिंट करें।

कई राज्य (जैसे UP, Bihar, Delhi) के अपने पोर्टल भी हैं, लेकिन CRS नेशनल है।

ऑफलाइन प्रक्रिया
  • अपने क्षेत्र के म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, नगर पालिका, ग्राम पंचायत या रजिस्ट्रार ऑफिस में जाएं।
  • लेट रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।
  • दस्तावेज जमा करें और फीस पे करें।
  • वेरिफिकेशन के बाद सर्टिफिकेट मिलेगा।

जरूरी दस्तावेज (वयस्क/पुराने जन्म के लिए ज्यादा)

  • अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप या जन्म रिपोर्ट (अगर उपलब्ध)।
  • स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट/मार्कशीट (10वीं की सबसे अच्छी)।
  • आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड आदि (पहचान के लिए)।
  • माता-पिता का घोषणा पत्र (Affidavit) नोटरी से।
  • देरी का कारण बताने वाला एप्लीकेशन।
  • अगर रिकॉर्ड नहीं मिल रहा: Non-Availability Certificate (NABC) लोकल रजिस्ट्रार से लें।
  • 1 साल से ज्यादा देरी: मजिस्ट्रेट ऑर्डर या पुलिस वेरिफिकेशन लग सकता है।

फीस और समय

  • 21 दिनों के अंदर: फ्री या न्यूनतम (₹20 तक)।
  • लेट: ₹50-500 तक (देरी और राज्य पर निर्भर)।
  • समय: 7-30 दिन (ऑनलाइन तेज), पुराने मामलों में 1-3 महीने।

टिप: अगर समस्या हो तो लोकल रजिस्ट्रार या हेल्पलाइन से संपर्क करें। CRS पोर्टल पर डिजिटल सर्टिफिकेट पूरी तरह वैध है। अब देर न करें – आज ही अप्लाई करें! 😊

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