सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पर दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) को लागू कर दिया है और अब 50% गारंटीड पेंशन मिलेगी। लेकिन यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। दिसंबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट ने OPS को राष्ट्रीय स्तर पर बहाल करने का कोई बड़ा फैसला नहीं सुनाया है। OPS में रिटायरमेंट के बाद आखिरी सैलरी का 50% पेंशन मिलती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने 2004 से नई पेंशन स्कीम (NPS) लागू की, जो मार्केट बेस्ड है। अभी OPS सिर्फ कुछ राज्यों में लागू है, और केंद्र ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की है। आइए, सरल हिंदी में जानते हैं OPS और NPS की सच्चाई, लेटेस्ट अपडेट और क्या है अंतर।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) क्या है?
OPS 2004 से पहले की स्कीम है, जिसमें:
- कर्मचारी को अपना योगदान नहीं देना पड़ता।
- रिटायरमेंट के बाद आखिरी सैलरी + DA का 50% आजीवन पेंशन।
- महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने पर पेंशन बढ़ती है।
- गारंटीड और सुरक्षित, मार्केट रिस्क नहीं।
यह स्कीम केंद्र और कई राज्यों में बंद हो चुकी है, लेकिन राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल जैसे कुछ राज्यों ने अपने कर्मचारियों के लिए बहाल की है।
नई पेंशन स्कीम (NPS) और UPS क्या है?
- NPS: 2004 से लागू। कर्मचारी 10% और सरकार 14% योगदान। पैसा मार्केट में निवेस्ट, रिटायरमेंट पर 60% लंपसम, 40% से एन्युटी (पेंशन)। रिस्क ज्यादा, गारंटी नहीं।
- UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम): 2025 में शुरू। NPS का बेहतर वर्जन।
- 25 साल सेवा पर 50% आखिरी सैलरी की गारंटीड पेंशन।
- 10 साल सेवा पर न्यूनतम ₹10,000 महीना।
- फैमिली पेंशन भी।
केंद्र ने UPS को OPS का विकल्प बताया है।
सुप्रीम कोर्ट का लेटेस्ट स्टैंड
दिसंबर 2025 तक:
- सुप्रीम कोर्ट ने OPS को पूरे देश में लागू करने का कोई आदेश नहीं दिया।
- कुछ केस में (जैसे 2004 से पहले भर्ती वाले) OPS का लाभ देने को कहा, लेकिन सामान्य नहीं।
- अर्धसैनिक बलों (CAPF) के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का OPS आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है।
- कई पिटीशंस पेंडिंग, लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं जहां OPS को बहाल किया गया हो।
50% पेंशन का दावा UPS से जुड़ा लगता है, न कि OPS से। अफवाहें गलत हैं।
OPS vs NPS vs UPS की तुलना टेबल
यहां तीनों स्कीम्स का अंतर एक नजर में:
| पैरामीटर | पुरानी पेंशन (OPS) | नई पेंशन (NPS) | यूनिफाइड पेंशन (UPS) |
|---|---|---|---|
| लागू कब से | 2004 से पहले | 2004 से | 2025 से |
| पेंशन राशि | 50% आखिरी सैलरी + DA | मार्केट डिपेंडेंट | 50% (25 साल सेवा पर) |
| गारंटी | पूर्ण गारंटीड | कोई गारंटी नहीं | गारंटीड + मिनिमम ₹10,000 |
| योगदान | कर्मचारी का कोई नहीं | कर्मचारी 10% + सरकार 14% | कर्मचारी 10% + सरकार 18.5% |
| रिस्क | कोई नहीं | मार्केट रिस्क | कम रिस्क |
| फैमिली पेंशन | हां | सीमित | हां |
| केंद्र में स्थिति | बंद | मुख्य | नई विकल्प |
क्या करें कर्मचारी?
- केंद्र कर्मचारी UPS चुन सकते हैं (डेडलाइन थी, चेक करें)।
- राज्य कर्मचारी अपने राज्य की पॉलिसी देखें।
- अफवाहों पर भरोसा न करें, ऑफिशियल साइट्स चेक करें।
- पेंडिंग केस पर नजर रखें, लेकिन अभी OPS की राष्ट्रीय बहाली नहीं।
निष्कर्ष
पुरानी पेंशन योजना को सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में लागू नहीं किया है, और 50% पेंशन का दावा UPS से जुड़ा है, OPS से नहीं। यह अफवाह कर्मचारियों को भ्रमित कर रही है। केंद्र UPS को बेहतर विकल्प बता रहा है, जो OPS जैसी कुछ सुविधाएं देता है। सच्ची जानकारी के लिए DOPPW या EPFO की वेबसाइट चेक करें। OPS की मांग जारी है, लेकिन अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं। सतर्क रहें और ऑफिशियल अपडेट फॉलो करें!
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. सुप्रीम कोर्ट ने OPS लागू कर दिया?
नहीं, दिसंबर 2025 तक कोई ऐसा फैसला नहीं। कुछ स्पेशल केस में लाभ दिया।
2. 50% पेंशन अब मिलेगी?
OPS में पहले से थी, लेकिन UPS में 25 साल सेवा पर गारंटीड 50%।
3. UPS क्या है?
NPS का अपग्रेड, गारंटीड पेंशन वाली नई स्कीम।
4. OPS किन राज्यों में लागू है?
राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि में राज्य कर्मचारियों के लिए।
5. क्या केंद्र OPS बहाल करेगा?
अभी कोई प्लान नहीं, UPS पर फोकस।