वाहन की बिक्री पर बीमा पॉलिसी ट्रांसफर के नियमों में बड़ा बदलाव, लोगों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025 – भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने वाहन बीमा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनसे सेकेंड-हैंड वाहन खरीदने और बेचने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर वाहन बिक्री के समय बीमा पॉलिसी ट्रांसफर की प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी, तेज और ग्राहक-अनुकूल हो गई है। इन नए नियमों से जहां पुराने वाहन मालिकों को नो क्लेम बोनस (NCB) का बेहतर लाभ मिलेगा, वहीं नए खरीदारों को सस्ती और लचीली पॉलिसी विकल्प उपलब्ध होंगे।

मुख्य बदलाव क्या हैं?

IRDAI के 2025 मास्टर सर्कुलर और हालिया दिशानिर्देशों के तहत मोटर इंश्योरेंस में कई सुधार लागू हुए हैं:

  • पे-एज-यू-ड्राइव (Pay as You Drive) विकल्प अनिवार्य: अब हर बीमा कंपनी को यह ऐड-ऑन देना जरूरी है। अगर आप कम गाड़ी चलाते हैं, तो प्रीमियम 30-50% तक कम हो सकता है। वाहन बिक्री के बाद नई पॉलिसी में यह विकल्प आसानी से ट्रांसफर या चुन सकते हैं, जिससे नए मालिक को तुरंत बचत मिलती है।
  • नो क्लेम बोनस (NCB) ट्रांसफर आसान: वाहन बिक्री पर पुराना मालिक अपना NCB नए मालिक को ट्रांसफर कर सकता है। पहले यह प्रक्रिया जटिल थी, लेकिन अब दस्तावेजों के साथ आसानी से हो जाती है। अगर पॉलिसी 90 दिनों के अंदर रिन्यू या ट्रांसफर होती है, तो NCB पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
  • पॉलिसी ट्रांसफर प्रक्रिया सरल: वाहन स्वामित्व बदलने पर बीमा पॉलिसी नए मालिक के नाम ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ लिखित सूचना और नया प्रपोजल फॉर्म भरना काफी है। नाममात्र फीस लगती है, और प्रो-राटा NCB रिकवरी होती है। नए नियमों से क्लेम सेटलमेंट तेज और पारदर्शी हुआ है, जिससे ट्रांसफर के बाद भी दावे में देरी नहीं होती।
  • कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में लचीलापन: पॉलिसी वर्डिंग अब सरल और एकसमान है। डिप्रीसिएशन, कंज्यूमेबल कवर आदि स्पष्ट हैं। वाहन बिक्री पर पुरानी पॉलिसी कैंसल कर नई लेने में अनावश्यक प्रीमियम नहीं कटता।

लोगों को कैसे मिलेगी राहत?

  • सेकेंड-हैंड वाहन खरीदारों के लिए: पहले नई पॉलिसी लेनी पड़ती थी, जिससे अतिरिक्त खर्च होता था। अब ट्रांसफर से पुराना कवर जारी रहता है, और पे-एज-यू-ड्राइव से प्रीमियम कम।
  • बेचने वालों के लिए: NCB का पूरा लाभ मिलता है, और पॉलिसी कैंसलेशन पर रिफंड आसान।
  • सामान्य फायदा: क्लेम रिजेक्शन मनमाने नहीं हो सकते। दस्तावेज पॉलिसी खरीदते समय ही लिए जाते हैं, जिससे बाद में परेशानी नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव 2025 को मोटर इंश्योरेंस का टर्निंग पॉइंट बना देंगे। IRDAI का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों का भरोसा जीतना है। अगर आप वाहन बेचने या खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी बीमा कंपनी से संपर्क कर नए नियमों का लाभ जरूर लें।

सलाह: पॉलिसी ट्रांसफर या रिन्यूअल से पहले IRDAI की आधिकारिक वेबसाइट या अपनी इंश्योरेंस कंपनी से नवीनतम दिशानिर्देश चेक करें। सुरक्षित ड्राइविंग और वैध बीमा से सड़क पर बेफिक्र रहें!

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