नई दिल्ली: घर में बेटी का जन्म खुशी की बात है, लेकिन उसकी पढ़ाई-लिखाई और कॉलेज शिक्षा का खर्च अक्सर माता-पिता के लिए चिंता का सबब बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) चलाई जा रही है। यह योजना बेटी के जन्म से लेकर कॉलेज शिक्षा और शादी तक के बड़े खर्चों के लिए मजबूत आर्थिक सहारा प्रदान करती है। 2025 में भी यह योजना 8.2% की आकर्षक ब्याज दर के साथ जारी है, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
सुकन्या समृद्धि योजना में माता-पिता बेटी के नाम पर खाता खोलकर छोटी-छोटी बचत कर सकते हैं। बेटी के जन्म से 10 साल की उम्र तक खाता खोला जा सकता है। न्यूनतम ₹250 से शुरू करके सालाना अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किया जा सकता है। 15 साल तक निवेश करने पर 21 साल में मैच्योरिटी पर लाखों रुपये का फंड तैयार हो जाता है। उदाहरण के लिए, अगर हर महीने ₹5,000 (सालाना ₹60,000) जमा करें, तो 21 साल बाद करीब ₹27 लाख तक मिल सकते हैं। अधिकतम निवेश पर यह राशि ₹70 लाख से ऊपर जा सकती है।
यह फंड बेटी की हायर एजुकेशन (कॉलेज) के लिए 18 साल की उम्र के बाद 50% तक निकाला जा सकता है, बाकी शादी या अन्य जरूरतों के लिए। योजना पूरी तरह सरकारी गारंटीड और सुरक्षित है। कई परिवारों ने इससे बेटी की पढ़ाई का खर्च आसानी से पूरा किया है।
अप्लाई कैसे करें?
- निकटतम पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक (SBI, ICICI आदि) में जाएं।
- बेटी का जन्म प्रमाण-पत्र, माता-पिता का आईडी/एड्रेस प्रूफ और फोटो लेकर फॉर्म भरें।
- न्यूनतम ₹250 जमा करके खाता खोलें। ऑनलाइन ट्रांसफर की सुविधा भी उपलब्ध है।
इसके अलावा, राज्य स्तर पर योजनाएं जैसे उत्तर प्रदेश की कन्या सुमंगला या राजस्थान की राजश्री योजना भी जन्म से ग्रेजुएशन तक सहायता देती हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर SSY सबसे लोकप्रिय है। अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। आज ही शुरू करें, बेटी का भविष्य सुरक्षित करें!