नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में दिसंबर 2025 में बड़ा अपडेट आया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने 16 दिसंबर को नए नियम नोटिफाई किए, जो मुख्य रूप से नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स (प्राइवेट सेक्टर, कॉर्पोरेट और ऑल सिटीजन मॉडल) के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। अब रिटायरमेंट पर 80% तक कॉर्पस लंपसम निकाला जा सकता है, जबकि पहले सिर्फ 60% ही संभव था। अनिवार्य एन्युटी (पेंशन खरीदने की जरूरत) को घटाकर 20% कर दिया गया है। यह बदलाव कर्मचारियों को रिटायरमेंट प्लानिंग में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देगा। गवर्नमेंट कर्मचारियों के लिए नियम अलग हैं। आइए, सरल हिंदी में जानते हैं नए नियमों की पूरी डिटेल्स – क्या बदला, किसे फायदा और कैसे अप्लाई करें।
NPS नए नियम क्या हैं?
PFRDA (Exits and Withdrawals under the NPS) Amendment Regulations, 2025 के तहत मुख्य बदलाव:
- 80% लंपसम निकासी: नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स अब रिटायरमेंट पर 80% कॉर्पस लंपसम निकाल सकते हैं। सिर्फ 20% से एन्युटी खरीदनी होगी।
- कॉर्पस के आधार पर राहत:
- ₹8 लाख तक: 100% लंपसम निकासी, कोई एन्युटी नहीं।
- ₹8-12 लाख: ₹6 लाख तक लंपसम, बाकी एन्युटी या पीरियोडिक पेआउट।
- ₹12 लाख से ज्यादा: 80% लंपसम, 20% एन्युटी।
- 5 साल लॉक-इन हटाया: नॉन-गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए प्रीमैच्योर एग्जिट आसान।
- एग्जिट एज 85 तक: निवेश जारी रख सकते हैं।
- अन्य राहत: सिटिजनशिप छोड़ने पर फुल निकासी, डेथ पर फैमिली को पूरा कॉर्पस।
ये बदलाव 16 दिसंबर 2025 से लागू हैं, मुख्य रूप से प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए।
किसे कितना फायदा?
- नॉन-गवर्नमेंट कर्मचारी: ज्यादा लंपसम से रिटायरमेंट में लिक्विडिटी बढ़ी। एन्युटी कम होने से पेंशन इनकम कम, लेकिन कैश ज्यादा।
- गवर्नमेंट कर्मचारी: उनके लिए 40% एन्युटी अनिवार्य ही है, लेकिन डेफर्ड एग्जिट (85 तक) और अन्य क्लैरिटी मिली।
- टैक्स नोट: अभी 60% तक टैक्स फ्री, अतिरिक्त 20% पर टैक्स लग सकता है (इनकम टैक्स एक्ट अपडेट का इंतजार)।
यह NPS को EPF/PPF से ज्यादा आकर्षक बनाता है।
पुराने vs नए नियमों की टेबल
यहां NPS निकासी नियमों का तुलनात्मक विवरण:
| कॉर्पस स्तर | पुराना नियम (एन्युटी/लंपसम) | नया नियम (नॉन-गवर्नमेंट) | फायदा |
|---|---|---|---|
| ₹8 लाख तक | 100% लंपसम या एन्युटी | 100% लंपसम, कोई एन्युटी नहीं | पूरी राहत |
| ₹8-12 लाख | 60% लंपसम, 40% एन्युटी | ₹6 लाख लंपसम, बाकी पीरियोडिक | ज्यादा कैश |
| ₹12 लाख से ज्यादा | 60% लंपसम, 40% एन्युटी | 80% लंपसम, 20% एन्युटी | 20% अतिरिक्त लंपसम |
| प्रीमैच्योर एग्जिट | 5 साल लॉक-इन | लॉक-इन हटाया | आसान एग्जिट |
| एग्जिट एज | 75 तक | 85 तक | लंबा निवेश |
कैसे अप्लाई करें या चेक करें?
- NPS अकाउंट NPS पोर्टल या CRA (NSDL/Protean) पर लॉगिन करें।
- एग्जिट/विदड्रॉल के समय नए नियम ऑटो अप्लाई होंगे।
- अगर पुराना सब्सक्राइबर हैं, तो अपडेटेड ऑप्शन्स चेक करें।
- हेल्पलाइन या PFRDA वेबसाइट pfrda.org.in पर गाइडलाइंस देखें।
निष्कर्ष
NPS में 2025 के नए नियम नॉन-गवर्नमेंट कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा हैं। 80% लंपसम निकासी से रिटायरमेंट प्लानिंग आसान और फ्लेक्सिबल हो गई है। छोटे कॉर्पस वालों को पूरी छूट मिली। गवर्नमेंट कर्मचारी UPS चुन सकते हैं, लेकिन NPS में भी सुधार हैं। अगर आप NPS में हैं, तो अपना कॉर्पस चेक करें और प्लानिंग शुरू करें। अधिक जानकारी के लिए pfrda.org.in विजिट करें। स्मार्ट निवेश से सुरक्षित रिटायरमेंट बनाएं!
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. नए नियम कब से लागू हैं?
16 दिसंबर 2025 से, PFRDA नोटिफिकेशन के अनुसार।
2. गवर्नमेंट कर्मचारियों को 80% निकासी मिलेगी?
नहीं, उनके लिए 60% लंपसम और 40% एन्युटी ही।
3. ₹8 लाख से कम कॉर्पस पर क्या?
100% लंपसम निकासी, कोई एन्युटी नहीं।
4. टैक्स में क्या बदलाव?
अभी 60% टैक्स फ्री, अतिरिक्त 20% पर टैक्स लग सकता है।
5. UPS और NPS में क्या चुनें?
UPS में गारंटीड पेंशन, NPS में मार्केट रिटर्न और अब ज्यादा लंपसम। अपनी जरूरत देखें।
L