Labour Minimum Wages Increase 2026, मजदूरों को बड़ी राहत अब जनवरी 2026 से न्यूनतम मजदूरी दर 3 गुणा तक

नई दिल्ली: देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए नई उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को 2026 में पूर्ण रूप से लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, जिसमें न्यूनतम मजदूरी और यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी पर विशेष फोकस है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि Code on Wages, 2019 के तहत सभी श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का कानूनी अधिकार मिलेगा, साथ ही नेशनल फ्लोर वेज तय किया जाएगा, जिससे राज्यों में मजदूरी की असमानता कम होगी।

हालांकि कुछ सोशल मीडिया और अफवाहों में जनवरी 2026 से न्यूनतम मजदूरी 3 गुणा बढ़ने की बात कही जा रही है, लेकिन यह सही नहीं है। वास्तव में, कोई इतनी बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी मुख्य रूप से Variable Dearness Allowance (VDA) के माध्यम से होती है, जो महंगाई सूचकांक (CPI) के आधार पर हर छह महीने (अप्रैल और अक्टूबर) में संशोधित किया जाता है। इससे औसतन 5-15% तक की वृद्धि होती है, न कि 3 गुणा।

वर्तमान में केंद्रीय क्षेत्र में अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी लगभग ₹783 प्रति दिन है, जो क्षेत्र और कौशल के अनुसार बदलती है। 2026 में Labour Codes लागू होने से फ्लोर वेज मजबूत होगा, और हर 5 साल में नियमित रिवीजन अनिवार्य होगा। इससे मजदूरों की आय में स्थिर वृद्धि होगी, साथ ही बोनस, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी का लाभ सभी को मिलेगा।

ट्रेड यूनियनों ने श्रम संहिताओं का विरोध भी किया है, लेकिन सरकार का दावा है कि ये सुधार श्रमिकों को केंद्र में रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 से मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन 3 गुणा बढ़ोतरी जैसी अफवाहों से बचें। आधिकारिक अधिसूचनाओं का इंतजार करें। यह कदम ग्रामीण और असंगठित श्रमिकों के लिए वरदान साबित होगा।

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