प्रधानमंत्री मातृ वंदना और सुकन्या समृद्धि योजना की दी जानकारी

ऊना, 25 दिसंबर 2025 (विशेष संवाददाता): हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) और ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ (SSY) पर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में सैकड़ों महिलाओं और अभिभावकों को इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे इनके लाभ से वंचित न रहें। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और कहा कि ये योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जो 2017 में शुरू की गई थी, गर्भवती और धात्री महिलाओं को उनके पहले बच्चे के जन्म के समय वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना का मुख्य उद्देश्य मातृत्व अवकाश के दौरान मजदूरी हानि की भरपाई करना और पोषण, स्वास्थ्य जांच तथा आराम सुनिश्चित करना है।

मुख्य लाभ:

  • पहले बच्चे के लिए: ₹5,000 की सहायता, जो दो किस्तों में दी जाती है — पहली किस्त गर्भावस्था के पंजीकरण पर और दूसरी जन्म के बाद।
  • दूसरे बच्चे के लिए (यदि लड़की हो): ₹6,000 की अतिरिक्त राशि।
  • पात्रता: 19 वर्ष से अधिक आयु की गर्भवती महिलाएं, जो अनुसूचित जाति/जनजाति या अल्पसंख्यक समुदाय से हों या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती हों। शहरी क्षेत्रों में भी लागू।
  • वितरण: आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से।

शिविर में बताया गया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने PMMVY के लिए विशेष पंजीकरण अभियान को अगस्त 2025 तक बढ़ाया था, लेकिन अब भी ऑनलाइन पोर्टल (pmmvy.wcd.gov.in) या आंगनवाड़ी केंद्रों से आसानी से आवेदन किया जा सकता है। ऊना जिले में अब तक 5,000 से अधिक महिलाओं ने इसका लाभ उठाया है, और प्रशासन का लक्ष्य 2026 तक 100% कवरेज सुनिश्चित करना है। जिला कलेक्टर ने कहा, “यह योजना माताओं को न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि स्वस्थ प्रसव और शिशु पोषण को बढ़ावा देती है।”

सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य को सुरक्षित

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत 2015 में शुरू हुई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं की उच्च शिक्षा और विवाह के लिए लंबी अवधि की बचत को प्रोत्साहित करती है। यह योजना पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में खाता खोलने की सुविधा प्रदान करती है, जिसमें उच्च ब्याज दर और टैक्स छूट के लाभ हैं।

मुख्य विशेषताएं:

  • खाता खोलने की आयु: बालिका की आयु 10 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • न्यूनतम/अधिकतम जमा: प्रति वर्ष ₹250 से ₹1.5 लाख तक।
  • ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रति वर्ष (तिमाही चक्रवृद्धि), जो अन्य बचत योजनाओं से अधिक है।
  • परिपक्वता: खाता खोलने से 21 वर्ष बाद, या बालिका के 18 वर्ष पूरे होने पर आंशिक निकासी (शिक्षा/विवाह के लिए 50%)।
  • टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक छूट, ब्याज और मैच्योरिटी राशि पूरी तरह टैक्स-फ्री।

शिविर में अभिभावकों को बताया गया कि ऊना जिले में अब तक 15,000 से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, और जिला प्रशासन CSC केंद्रों के माध्यम से मुफ्त सहायता प्रदान कर रहा है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह योजना हमारी बेटी के भविष्य को चिंता-मुक्त बना रही है। मासिक ₹2,000 जमा करने पर 21 वर्ष बाद ₹11 लाख से अधिक राशि मिल सकती है।”

जागरूकता अभियान का विस्तार

कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ASHAs और स्थानीय एनजीओ ने भाग लिया। जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जाएं, ताकि दूरदराज की महिलाएं भी इन योजनाओं से जुड़ सकें। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म UMANG ऐप के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया।

ये योजनाएं न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं, बल्कि लिंग समानता और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। ऊना प्रशासन ने 2026 तक इनका पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। अधिक जानकारी के लिए निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र या wcd.gov.in पर संपर्क करें।

Leave a Comment