उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने 14 नवंबर 2025 को यह महत्वपूर्ण फैसला लिया था, जिसके तहत राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में पात्र बुजुर्गों का स्वतः चिह्नीकरण फैमिली आईडी (‘एक परिवार एक पहचान’) के आधार पर होगा।
मुख्य बिंदु (वर्तमान स्थिति, दिसंबर 2025 तक):
- कोई अलग आवेदन नहीं: बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- प्रक्रिया: फैमिली आईडी से उन लोगों की सूची अपने आप बनेगी जो अगले 90 दिनों में 60 वर्ष पूरे करने वाले हैं। समाज कल्याण विभाग SMS, WhatsApp या फोन से सहमति लेगा। सहमति मिलते ही 15 दिनों में पेंशन स्वीकृत हो जाएगी और उसी महीने से शुरू।
- लाभार्थी: इससे राज्य में 8 लाख से अधिक नए बुजुर्ग जुड़ेंगे (वर्तमान में लगभग 67-70 लाख लाभार्थी हैं)।
- अतिरिक्त खर्च: सरकार पर सालाना लगभग 990 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा।
- पेंशन राशि: ₹1,000 प्रति माह (आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT से)।
- क्रियान्वयन: योजना जल्द शुरू हो रही है। कुछ जिलों (जैसे अमेठी, कासगंज, गोरखपुर, ललितपुर, बस्ती) में पायलट प्रोजेक्ट चल सकता है।
यह कदम उन बुजुर्गों के लिए बहुत राहत भरा है जो आवेदन प्रक्रिया की वजह से योजना से वंचित रह जाते थे।
सुझाव:
- अपना फैमिली आईडी चेक/बनवा लें (पोर्टल: familyid.up.gov.in या CSC सेंटर से) — इसमें आयु, परिवार विवरण सही होने चाहिए।
- बैंक खाता आधार से लिंक्ड रखें।
- अधिक जानकारी के लिए समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट sspy-up.gov.in या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
बुजुर्गों के लिए बेहतरीन पहल! यदि कोई विशिष्ट जिला या डिटेल चाहिए, तो बताएं।