2025 में चांदी ने कमाल का प्रदर्शन किया है, जो कई सालों की सुस्ती के बाद जबरदस्त वापसी है। इस साल चांदी ने लगभग 140-160% का रिटर्न दिया, जबकि सोने का रिटर्न 70-78% रहा – यानी चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प है कि 2023-2024 में चांदी का रिटर्न सिर्फ 7-11% था, जबकि सोना 14-21% चमका था। अब चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स) और सेफ-हेवन निवेश से चमक रही है।
वर्तमान कीमतें (25 दिसंबर 2025 तक):
- चांदी: ₹2,30,000-₹2,35,000 प्रति किलो (ग्लोबल ~$69-70/औंस)।
- सोना: ₹1,36,000-₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम (24K)।
मोतीलाल ओसवाल का 2026 आउटलुक:
ब्रोकरेज हाउस के अनुसार, चांदी की रैली स्ट्रक्चरल है – सप्लाई डेफिसिट, इंडस्ट्रियल बूम और रुपये की कमजोरी से आगे भी तेजी। उन्होंने पहले ₹2.45 लाख प्रति किलो का टारगेट 2026-27 के लिए दिया था, लेकिन 2025 में ही यह लेवल छू सकता है। ग्लोबल टारगेट $75-77/औंस। सोने के लिए भी बुलिश, लेकिन चांदी ज्यादा आउटपरफॉर्म कर सकती है (1.7 गुना तेज मूवमेंट)। नवनीत दमानी कहते हैं – अब नए टारगेट सेट करने की चुनौती है!
क्यों चमकी चांदी?
- इंडस्ट्रियल डिमांड 60% से ज्यादा (सोलर पैनल, EV)।
- सप्लाई शॉर्टेज 5 साल से।
- फेड रेट कट, जियोपॉलिटिकल टेंशन।
- भारत में ETF इनफ्लो रिकॉर्ड।
सलाह: लंबी अवधि के लिए चांदी-सोना दोनों अच्छे, लेकिन चांदी में वोलेटिलिटी ज्यादा। SIP से निवेश करें, फिजिकल/ETF चुनें। 2026 में भी तेजी की उम्मीद, लेकिन करेक्शन आ सकता है। आधिकारिक रिपोर्ट्स चेक करें!