सीबीएसई (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए बड़ा फेरबदल किया है। अब रट्टा मारने की बजाय कॉन्सेप्ट समझने और एप्लीकेशन बेस्ड लर्निंग पर जोर दिया जाएगा। क्लास 10 और 12 के एग्जाम पैटर्न में बदलाव से छात्रों की एनालिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और रियल लाइफ एप्लीकेशन स्किल्स टेस्ट होंगी।
मुख्य बदलाव है 50% प्रश्न कंपिटेंसी बेस्ड (कॉन्सेप्ट समझने और लागू करने वाले)। क्लास 10 में साल में दो बोर्ड एग्जाम का ऑप्शन भी आएगा। परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। अगर आप क्लास 10 या 12 के छात्र हैं, तो यह बदलाव आपकी तैयारी को पूरी तरह बदल देगा। आइए, सरल हिंदी में जानते हैं नए पैटर्न की पूरी डिटेल्स – क्लास 10 और 12 के लिए अलग-अलग बदलाव, मार्किंग स्कीम और तैयारी टिप्स।
CBSE बोर्ड एग्जाम 2026 में क्या नया है?
सीबीएसई ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) के तहत बदलाव किए हैं। मुख्य उद्देश्य रटंट को कम करना और स्किल बेस्ड लर्निंग को बढ़ावा देना है।
- कंपिटेंसी बेस्ड प्रश्न 50%: ये प्रश्न केस स्टडी, डेटा इंटरप्रिटेशन, सोर्स बेस्ड या सिचुएशनल प्रॉब्लम्स पर आधारित होंगे।
- क्लास 10 में दो एग्जाम: फरवरी में मुख्य एग्जाम (अनिवार्य), मई-जून में इम्प्रूवमेंट एग्जाम (ऑप्शनल)। बेस्ट स्कोर फाइनल रिजल्ट में लिया जाएगा।
- क्लास 12 में अभी सिंगल एग्जाम: लेकिन कंपिटेंसी फोकस वही।
- साइंस और सोशल साइंस में सेक्शनल स्ट्रक्चर: क्लास 10 में अलग-अलग सेक्शन (जैसे हिस्ट्री, ज्योग्राफी अलग)।
- 75% अटेंडेंस अनिवार्य: क्लास 9-10 में कम अटेंडेंस पर एग्जाम से रोक।
- नया ग्रेडिंग सिस्टम: 9-पॉइंट स्केल।
ये बदलाव छात्रों का स्ट्रेस कम करेंगे और रियल लर्निंग को प्रमोट करेंगे।
क्लास 10 और 12 के लिए नया पैटर्न
दोनों क्लासेस में प्रश्नों का डिस्ट्रीब्यूशन लगभग एक जैसा है। यहां मुख्य बदलाव:
प्रश्नों का प्रतिशत
| प्रश्न प्रकार | प्रतिशत (क्लास 10 और 12 दोनों) |
|---|---|
| कंपिटेंसी बेस्ड (केस/सोर्स बेस्ड) | 50% |
| MCQ (मल्टीपल चॉइस) | 20% |
| शॉर्ट/लॉन्ग आंसर (डिस्क्रिप्टिव) | 30% |
कंपिटेंसी प्रश्न रियल लाइफ प्रॉब्लम्स पर आधारित होंगे, जैसे डेटा एनालिसिस या एप्लीकेशन।
क्लास 10 स्पेशल बदलाव
- दो एग्जाम: बेस्ट स्कोर काउंट।
- साइंस और सोशल साइंस में सेक्शन वाइज आंसर लिखने अनिवार्य (गलत सेक्शन में लिखा तो मार्क्स नहीं)।
- मैथ्स में कोई बदलाव नहीं।
क्लास 12 बदलाव
- कंपिटेंसी फोकस ज्यादा।
- शॉर्ट आंसर पर जोर, लॉन्ग आंसर कम।
तैयारी कैसे करें?
नया पैटर्न समझ बेस्ड है, इसलिए:
- NCERT बुक्स अच्छे से पढ़ें, कॉन्सेप्ट क्लियर करें।
- सैंपल पेपर्स सॉल्व करें (cbseacademic.nic.in पर उपलब्ध)।
- केस स्टडी और एप्लीकेशन प्रश्न प्रैक्टिस करें।
- पिछले सालों के पेपर्स से कंपेयर करें।
- टाइम मैनेजमेंट प्रैक्टिस करें।
निष्कर्ष
सीबीएसई बोर्ड एग्जाम 2026 का नया पैटर्न छात्रों को रटंट से दूर करके स्किल डेवलपमेंट पर फोकस कराएगा। 50% कंपिटेंसी बेस्ड प्रश्न और क्लास 10 में दो मौके से स्ट्रेस कम होगा। तैयारी अब कॉन्सेप्ट समझने पर करें, सैंपल पेपर्स जरूर सॉल्व करें। अधिक जानकारी के लिए cbse.gov.in या cbseacademic.nic.in विजिट करें। नए पैटर्न से बेहतर परफॉर्मेंस के लिए अभी से तैयारी शुरू करें – सफलता आपकी होगी!
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. CBSE 2026 में कितने प्रतिशत कंपिटेंसी बेस्ड प्रश्न होंगे?
50% प्रश्न कंपिटेंसी बेस्ड (कॉन्सेप्ट एप्लीकेशन वाले)।
2. क्लास 10 में कितनी बार एग्जाम दे सकते हैं?
दो बार – फरवरी में मुख्य, मई में इम्प्रूवमेंट (बेस्ट स्कोर काउंट)।
3. क्लास 12 में दो एग्जाम होंगे?
नहीं, अभी क्लास 12 में सिंगल एग्जाम, लेकिन कंपिटेंसी फोकस वही।
4. साइंस/सोशल साइंस में क्या नया?
सेक्शन वाइज स्ट्रक्चर, आंसर अलग-अलग सेक्शन में लिखें।
5. सैंपल पेपर्स कहां से डाउनलोड करें?
cbseacademic.nic.in से ऑफिशियल सैंपल पेपर्स डाउनलोड करें।